loader image
Wed. Oct 7th, 2026

PIB Dehradun
Govt of India

Press Release
Dated: 06/10/26

  • मुख्य सचिव उत्तराखंड श्री आनंद बर्द्धन 08 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे करेंगे महोत्सव का उद्घाटन
  • हर्षिल, चकराता और रामगढ़ के ए-ग्रेड सेब तथा कपकोट और रामगढ़ की उच्च गुणवत्ता वाली कीवी होगी आकर्षण का केंद्र
  • ताजी सब्जियां, देशी घी, जैविक उत्पाद, हिमालयी शहद सहित विभिन्न प्राकृतिक एवं ग्रामीण उत्पाद bhi होंगे उपलब्ध
  • ऐपण कला, ताम्र शिल्प और रिंगाल हस्तशिल्प सहित उत्तराखंड के पारंपरिक एवं GI उत्पादों का भी प्रदर्शन किया जाएगा

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा 08 एवं 09 अक्टूबर 2026 को आईटी पार्क स्थित क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में ‘सेब महोत्सव 3.0’ का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय महोत्सव प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा।

महोत्सव का उद्घाटन 08 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्तराखंड शासन के कृषि सचिव, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों की सहभागिता प्रस्तावित है।

‘सेब महोत्सव 3.0’ का प्रमुख उद्देश्य नाबार्ड द्वारा समर्थित विकास परियोजनाओं से जुड़े किसानों, जनजातीय समुदायों एवं कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए प्रभावी विपणन मंच उपलब्ध कराना है। महोत्सव में प्रदर्शित उत्पाद उत्तराखंड के पांच जनपदों में नाबार्ड समर्थित जनजातीय विकास परियोजनाओं एवं कृषक उत्पादक संगठनों से जुड़े उत्पादकों द्वारा लाए जाएंगे।

इस वर्ष महोत्सव में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। हर्षिल, चकराता एवं रामगढ़ क्षेत्र के ‘ए’-ग्रेड सेब उपलब्ध होंगे, जिनमें रॉयल डिलीशियस, गोल्डन डिलीशियस, गाला एवं रेड डिलीशियस जैसी प्रमुख किस्में शामिल हैं। इसके साथ ही कपकोट एवं रामगढ़ के कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा प्राकृतिक विधि से उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाली कीवी भी बिक्री के लिए उपलब्ध होगी।

महोत्सव में ताजी सब्जियां, देशी घी, जैविक सरसों तेल, जैविक गुड़, जैविक दालें, हिमालयी शहद एवं अन्य प्राकृतिक उत्पाद भी उपलब्ध रहेंगे। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड के भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पादों, ऐपण कला, ताम्र शिल्प एवं रिंगाल हस्तशिल्प सहित अन्य पारंपरिक एवं हस्तशिल्प उत्पादों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

इस आयोजन के माध्यम से नाबार्ड का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादकों एवं कृषक उत्पादक संगठनों को उपभोक्ताओं से सीधे जोड़कर बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराना तथा उत्तराखंड के विशिष्ट कृषि उत्पादों, पारंपरिक उत्पादों एवं ग्रामीण उद्यमों को प्रोत्साहित करना है।

नाबार्ड ने देहरादून एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से अपने परिवार एवं मित्रों सहित ‘सेब महोत्सव 3.0’ में शामिल होने तथा प्रदेश के किसानों एवं ग्रामीण उत्पादकों द्वारा लाए गए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को देखने और खरीदने का आह्वान किया है।

फ़िलहाल मे